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Wednesday, September 17, 2014


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शोकेस - समकालीन

1980 के दशक के मध्य में समकालीन भारतीय कला को एक नई दिशा मिली। पूर्व के दशकों में कला दृश्य में जिन बातों की प्रधानता थी वे धीरे-धीरे लुप्त हो गई। नई पीढ़ी के उभरते कलाकारों की सोच अलग थी। उन्होंने नई-नई अवधारणाओं को तलाशा और इस संकल्पना का प्रभुत्त बना ताकि कलाकार की सोच कृति के अनुरुप हो जिससे उसे परयोजना पूरी करने में सहायकों की सेवाएं लेने की छूट हो। आधुनिकता के बाद उभरी सोच ने अपनी छाप छोड़ी। इन विचारों ने नए माध्यमों सामग्री तथा तरीकों के साथ प्रयोग किए उन्होंने कार्य के स्तर की फिर से कल्पना की जिसमें कार्य स्थल विशिष्ट तीव आयामों संस्थापनाओं का प्रयास किया गया और वे वैश्विक तथा स्थानीय दोनों उत्तेजनओं का व्यवहार करने के लिए तैयार थे। चित्रों में लिंग, पर्यावरण तथा शहरी संकट से संबंधित विषयों को चित्रित किया जाने लगा। चित्र निर्माण में लोकप्रिय संस्कृति के रोमांच ने प्रमुख प्रेरक का काम किया। कुछेक युवा कलाकारों ने, जव वे पुनःप्रस्तुति रुपों पर काम कर रहे थे तब भी वर्णनात्मक अवयवों से परहेज किया। और यहां तक की मनमौजी पन को भाव अभिव्यक्त किया। कुल मिलाकर समकालीन कला ने विशिष्ट निजी तिथि परिवेश के चमकदार आवरणों को नष्ट-भ्रष्ट कर दिया और अधिकार मूलक सक्रियाता तथा जोशपूर्ण चेतना को प्रदर्शित किया।

एनजीएमए के संग्रह में रखी सुधीर पटवर्धन, वीवान सुंदरम, वीना भार्गव, अर्पिता सिंह, नलिनी मलानी, परमजीत सिंह, मनु पारिख, मंजीत बावा, रामेश्वर ब्रूटा, जतिन दास, अंजलि इला मेनन, अर्पणा कौर, अमिताव दास, चित्रवणु मजूमदार, जया गांगुली, जयश्री चक्रवर्ती, रेखा रोडावर्तिया, राजीव लोचन, अतुल डोडिया, जीतिश कल्लात, सुबोध गुप्ता, अंजु डोडिया, हेमा उपाध्याय, चिंतन उपाध्याय, रियास कोमु, प्रबीर गुप्ता, आनंद जीत रे, और एनएस हर्ष को कृतियों में समकालीन कला प्रयाओं के विविध भावों बहुत सुंदर व  ढ़ंग से प्रस्तुत किया गाया है।
 

बीकेश भट्टाचार्जी

अनटाइटलड, कोलाज, बोर्ड पर रोशनाई एवं ऑयल, 77X61 सेमी

बीकेश भट्टाचार्जी

डॉल, कैनवास पर ऑयल, 121X 121 सेमी

परितोश सेन

द बीग लेडी, कैनवास पर ऑयल, 137X150 सेमी

परमजीत सिंह

लैंडस्केप, कैनवास पर ऑयल, 182X152 सेमी

वीना भार्गव

चौरंगी, कैनवास पर ऑयल, 175.5X259.5 सेमी

रामेश्वर ब्रूटा

एज़लेस स्टोन, कैनवास पर ऑयल, 126X178 सेमी

वीवेन सुंदरम

ब्लैक एरेना, कैनवास पर ऑयल, 126X177 सेमी

रेखा रोडवित्तिया

द वेजीटेशन

मनु परेख

इवनिंग इन बनारस, अनटाइटलड, 177X121 सेमी

अर्पिता सिंह

पेंटिंग I, कैनवास पर ऑयल, 123X92 सेमी

मनजीत बावा

जोगन, कैनवास पर ऑयल, 131X160 सेमी

अपर्णा कौर

इन वृन्दावन, कैनवास पर ऑयल, 206X152 सेमी

कृष्ण खन्ना

बंदवाला, कैनवास पर ऑयल, 178X125 सेमी

अमिताभ दास

अनटाइटलड I, कैनवास पर ऑयल, 91X106 सेमी

चित्तरोवन्यू मजूमदार

अनटाइटलड

अंजोली एला मेनन

शाहपुर जाट, मैसोनाइट बोर्ड पर ऑयल, 89X180 सेमी

राजीव लोचन

विज़न ऑफ रियलीटी, सिल्वर जिलेटिन प्रिंट पर मिश्रित माध्यम

सुधीर पटवर्धन

द रॉयट, कैनवास पर एक्रॉलिक, 84X152 सेमी

जितिश कल्लात

नैकेड स्काइलाइन-पोरस एयर, कैनवास पर ऑयल, 66X60

नालिनी मालनी

अनटाइटलड, एक्रॉलिक शीट पर, 173X184.5 सेमी

 

लघुचित्र

तंजाउर एवं मैसूर

यूरोपियन पर्यटक कलाकार

कम्पनी काल

कालीघाट पेंटिंग

सैद्धान्तिक यथार्थवाद

बंगाल स्कूल

अमृता शेर-गिल

यामिनी राय

गगनेंद्रनाथ टैगोर

रवीन्द्रनाथ टैगोर

शांतिनिकेतन

सामूहिक कलाकार

भावप्रधान कला

1960 का कला आंदोलन

1970 का कला आंदोलन

समकालीन

आधुनिक मूर्तिकला

मुद्रण करना

फोटोग्राफी