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Saturday, November 29, 2014


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शोकेस - भावप्रधान कला
50-60 के दशकों में भारत में अमूर्तकला में कलाकारों द्वारा कला के शब्द रूपों के विकास में तार्किक पक्ष पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता था। जितना कि आकार, रंग और रूप की शुद्धता की खोज पर।

स्वर्गीय वासुदेव एस गायतोन्दे ने आत्मनिरीक्षण की प्रकृति से यह पाया कि रंग और रचना विषय या वृतांत से मुक्ति पर बल देने से ही उनकी कला में निखार आ सकता है। उनकी चित्रकारी में जैन की चिंतनशीलता का समावेश है। दो अन्य कलाकार जिन्होंने चित्रपट के दर्शाने प्रस्तुत करने का माध्यम समझा, व जयराम पटेल और स्वर्गीय श्री नसरीन मोहम्दी है। जहां पटेल की प्रस्तुति में गहन भावनाओं के स्पष्ट और सकारात्मक रूप में पेश किया गया है। नसरीन मोहम्दी की चित्रकारी में संयमता से सौन्दर्यता देखने को मिलती है जिसमें किसी विचलन की कोई गुंजाइश नहीं है।

चित्रपटों ऐसे अनेक कलाकार हैं जो अमूर्तकला की ओर आकर्षित हुए। इनमें सबसे पहले कलकत्ता के गणेश हलोई का नाम जहन में आता है। प्रगतिशील कलाकार समूहों तथा इन समूहों के प्रवर्तक सदस्य सईद हैदर रज़ा से सम्बद्ध अनेक कलाकारों ने 70 के दशक के बाद अमूर्त कला रोज में प्रयोग किए। उनके इस रूपान्तरित दृष्टिकोण में इस छवि की प्रकृति से संबंधित दर्शन पक्ष से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे।

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय एनजीएमए में प्रमुख स्थान पाने वाली कलाकृतियों में कृष्ण खन्ना, जहांगीर सबावाला, रामकुमार, अकबर पदमशे, जगदीश स्वामीनाथन, एरिक बोवेन, मोना राय, बिरेन डे, जीआर. संतोष, ओपी शर्मा, शोहा कादरी, एसजी वासुदेव, प्रबाकर कोल्ट तथा वी विश्वनाथ के नाम उल्लेखनीय है।

एनजीएमए में रखे अमूर्त कला के संग्रह में सामग्री रंगों, रूपों तथा बनावट के विविध प्रयोगों को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा इसमें चित्र और कल्पनाशक्ति के स्तर पर प्रयोग की सरलता के साथ-साथ गहन भोग सुख प्रस्तुत किया गया है।
 

जेराम पटेल

कॉन्ट्यूर्स, लकड़ी पर ब्लो टॉर्च, 122X91 सेमी

एरिक बोवेन

ओ.जी. + 3एस.क्यू., बोर्ड पर एक्रॉलिक, 60X60.3 सेमी

वी.एस. गईतोण्डे

चित्रकारी, कैनवास पर ऑयल, 101.3X178 सेमी

राम कुमार

कैनवास पर ऑयल, 84X150.5 सेमी

कृष्ण खन्ना

कागज पर रोशनाई, 51.5X38 सेमी

नसरीन मोहमदी

ड्राइंग IV, कागज पर रोशनाई, 51X51.5 सेमी

अकबर पदमसी

मेटास्केप III, कैनवास पर ऑयल, 152X152.5 सेमी

जेहेसीस

कैनवास पर ऑयल, 182.5X121.5 सेमी

एस.एच. राज़ा

शीर्षक रहित, कैनवास पर ऑयल, 50X99.1 सेमी

एस जी वसुदेव

ट्री फॉर लाइफ, कैनवास पर ऑयल, 90X90 सेमी

पी शर्मा

मंडाला इन ब्लैक, कैनवास पर ऑयल, 84X92 सेमी

जी आर संतोष

अनटाईटलड, 127X148 सेमी

जहांगीर सबावला

ट्रैण्ड लेक, कैनवास पर ऑयल, 150X100 सेमी

अखिलेश

कैनवास पर एक्रॉलिक, 101.3X178 सेमी

मोना राई

इलस्ट्रेटेड, मिक्स्ड मीडिया मैन्युस्क्रिप्ट, 107X72 सेमी

विश्वनाधन

रेड पेंटिंग, कैनवास पर ऑयल, 120X120 सेमी

प्रभाकर कोलटे

अनटाईटलड वाटरकलर, 90X70 सेमी

 

लघुचित्र

तंजाउर एवं मैसूर

यूरोपियन पर्यटक कलाकार

कम्पनी काल

कालीघाट पेंटिंग

सैद्धान्तिक यथार्थवाद

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