English Website हिन्दी वेबसाइट
एनजीएमए मुंबई  |  एनजीएमए बंगलुरू

Wednesday, April 23, 2014


हमारा परिचय  |  इतिहास  |  शोकेस  |  प्रदर्शनी  |  संग्रह  |  प्रकाशन  |  देखने की योजना  |  हमसे संपर्क करें

आप यहां हैं:  होम  -  निदेशक का संदेश
निदेशक का संदेश
नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में आपका स्वागत करते हुए मझे बेहद खुशी है। यह आधुनिक एवं समकालीन कला का, देश का प्रमुख संग्रहालय है। नव स्वतंत्र राष्ट्र भारत के एक प्रमुख आधुनिक संस्थान के रूप में 1954 में स्थापित एनजीएमए आज भी तन्मयता से अपनी भूमिका निभाने में तत्पर है। कला संग्रह, संरक्षण और एक अग्रगण्य संस्थान के रूप में विकसित होते इस संस्थान में कला के नायाब नमूने हैं जो चित्र की भाषा के बदलते स्वरूप के जरिये आधुनिक भारतीय कला यात्रा को दर्शाते जीवंत सबूत हैं।

आधुनिक एवं समकालीन भारतीय कला के विशिष्ट चरित्र के मद्देनजर एनजीएमए के कार्यों की अहमियत और बढ़ गई है। कला, दर्शन एवं संस्कृति के लंबे और जीवंत इतिहास में खचित भारतीय कला की परिकल्पनात्मक तत्वों, विभिन्न माध्यमों एवं संवेदनाओं और पाश्चात्य मूल्यों के सशक्त सामंजस्य के रूप में समकालीन भारतीय कला को आज खास स्थान प्राप्त है। एनजीएमए के लिए संग्रह में इतिहास बोध की खासी अहमियत रही है और रहेगी। साथ ही, वर्तमान में जारी विचार-विमर्श और अत्याधुनिक विकासों के प्रति जागरूकता भी चाहिए।

हमारे संपन्न एवं विविधतापूर्ण संग्रह में 17,000 से अधिक कलाकृतियां हैं जिनमें शामिल हैं चित्रकलाएं, मूर्तिकलाएं, प्रिंट एवं फोटोग्राफ। जनवरी 2009 में एनजीएमए ने अपने नए प्रखंड का बड़े स्वाभिमान से उदघाटन किया
गया। इसमें तीन नए ब्लॉक बने और इस प्रकार मौजूदा क्षेत्र लगभग 6 गुणा बढ़ गया। यहां आधुनिक स्थान व्यवस्था में हम प्रदर्शनी की अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ लेते हुए हमारे संग्रह की बेहतर और सुस्पष्ट समझ को बढ़ावा देंगे। प्रदर्शनी और संरक्षण की आधुनिक सुविधाओं समेत सभागार और पुस्तकालय के साथ एनजीएमए का यह प्रयास रहेगा कि दर्शकों के प्रत्येक वर्गों के लिए आधुनिक एवं समकालीन कला को देखना-परखना एक मजेदार और ज्ञानवर्द्धक अनुभव साबित हो।

प्रो. राजीव लोचन
निदेशक
नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट